सूरत के तीन युवा इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने भारत में एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है—AI Powered Driverless और Hubless Electric Bike, जिसकी चर्चा न सिर्फ लोकल, बल्कि पूरे देश में हो रही है। इस इनोवेटिव Electric Bike का नाम Garuda रखा गया है, जो भगवान विष्णु की सवारी ‘गरुड़’ से प्रेरित है।
फ्यूचरिस्टिक डिजाइन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी | Futuristic Design & Advanced Technology
Garuda Bike का डिजाइन हॉलीवुड की साइंस फिक्शन फिल्मों से कम नहीं! बाइक की सबसे खास बात है इसके बड़े हबलेस व्हील्स, मॉडर्न सीटिंग पोजिशन और बिना आवाज घूमने की क्षमता। छात्र शिवम मौर्या, गुरप्रीत अरोड़ा और गणेश ने मिलकर इसे तैयार किया, जिसमें 70% पार्ट्स खुद अपने वर्कशॉप में कैरेक्टर किए गए और बाकी Scrapyard से लिये गए। आगे का टायर Harley Davidson और पीछे का टायर Hayabusa बाइक से लिया गया है.
AI Powered Driverless System | एआई आधारित ड्राइवरलेस सिस्टम
Garuda Electric Bike को मैनुअली, रिमोटली और ऑटोनॉमस मोड में चलाया जा सकता है। इसमें 4 कैमरे और कई सेंसर्स हैं जो बाइक को स्मार्ट बनाते हैं। अगर बाइक के आस-पास कोई ऑब्जेक्ट आता है, तो यह खुद ही स्पीड कम कर लेती है और ब्रेक लगा देती है।
लोकल निर्माण, कम लागत | Local Build, Low Cost
इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग ₹1.80 लाख का खर्च आया है। छात्रों ने अधिकतर पुर्जे लोकल वर्कशॉप और स्क्रैप मार्केट से लेकर ‘Waste to Best’ की कहानी साबित कर दी।
बैटरी, चार्जिंग और रेंज | Battery, Charging & Range
- तीन लेयर 80hH Lithium-Ion Battery लगी है, जिसे घर के सॉकेट से आसानी से चार्ज किया जा सकता है।
- Fast Charger से 2 घंटे में फुल चार्ज, जबकि रेगुलर चार्जर लगने पर 4-5 घंटे लगते हैं।
- Eco Mode में 220 km और Sport Mode में 160 km रेंज देने की क्षमता है।
- टेस्टिंग के दौरान Top Speed 70 km/h थी, लेकिन भविष्य में हाई पावर मोटर लगाकर 120 km/h तक बढ़ाई जा सकती है.
Garuda Bike Why So Special? | गरुड़ बाइक क्यों है खास?
- AI Powered Driverless Scooter
- Hubless Design
- Low Cost & Sustainable Build
- Multi-Mode Operation
- Advanced Safety Sensors
छात्रों की मेहनत, देश का गर्व | Students’ Innovation, Nation’s Pride
Garuda Electric Bike एक प्रोटोटाइप है, जिसमें आगे आने वाले समय में और सुधार किए जाएंगे ताकि इसे जन इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके। छात्रों की यह कोशिश भारत के Mobility Sector में एक नया आयाम जोड़ती है और आने वाले भविष्य में Driverless Smart Bikes का रास्ता खोलती है।
निष्कर्ष | Conclusion
Garuda Electric Bike, सूरत के जुनूनी छात्रों और उनकी क्रिएटिविटी की मिसाल है। यह Electric Bike न सिर्फ एक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट है, बल्कि भारत के युवा इनोवेटर्स की कोशिशों का आईना है। आने वाले समय में Garuda Bike जैसे प्रोजेक्ट देश की सड़कों पर बिल्कुल नया बदलाव ला सकते हैं.
