EV Revolution in India: अब हर घर की पहली गाड़ी Electric Vehicle!
आज भारत तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तगड़ी रफ्तार से EV कार और दो-पहिया वाहन बिक रहे हैं। Tata.ev की इंडिया चार्जिंग रिपोर्ट 2025 के आंकड़े दिखाते हैं कि लोग अब पहली गाड़ी के रूप में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं। इसने देश के मोबिलिटी सीन को पूरी तरह बदल दिया है।
Electric Vehicle का दायरा बढ़ा, अब 65% पिनकोड तक पहुंच
अब देश के 65% पिनकोड में Electric Vehicle (EV) पहुँच चुकी हैं। पहले लोग मानते थे कि EV दूसरी या तीसरी कार के लिए सही है, लेकिन अब 84% भारतीय अपनी पहली गाड़ी के लिए EV चुन रहे हैं। Tata.ev, Mahindra, Hyundai, MG और BYD जैसी कंपनियां साधारण खरीदार के लिए शानदार Electric Vehicle ऑफर कर रही हैं।
“इलेक्ट्रिक बाइक” और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर—दोगुना हुआ विश्वास
सिर्फ कार ही नहीं, Electric Bike की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। अब पब्लिक चार्जिंग फैसिलिटी तेजी से फैल रही है, जिससे लोग लंबी दूरी की Electric Vehicle ड्राइविंग में भी भरोसा जता रहे हैं। EV सेगमेंट में फास्ट चार्जिंग के साथ रोड ट्रिप करना आसान हो गया है।
हर महीने औसतन 1,600km चलती हैं Electric Vehicle
Tata.ev की रिपोर्ट के अनुसार भारत में EV मालिक हर महीने औसतन 1,600km अपनी इलेक्ट्रिक कार चला रहे हैं। ये गाड़ियां पूरे महीने (सामान्यतः 27 दिन) चलती हैं और अब लंबे रूट्स पर भी EV को अपनाया जा रहा है। 50% EV मालिक 500km से ज्यादा की ट्रिप भी लगा रहे हैं—पब्लिक चार्जिंग के भरोसे!
Subtitle: EV Charging Infrastructure: अब हर 50km पर स्टेशन उपलब्ध!
चार्जिंग की चिंता अब पुरानी बात हो गई है। भारत में EV चार्जिंग स्टेशन की संख्या 24,000 तक पहुँच गई है—जो पिछले साल के मुकाबले 4 गुना ज्यादा है। 91% नेशनल हाईवे पर 50km के भीतर कोई न कोई चार्जिंग स्टेशन मिल जाएगा। 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 100% कवरेज है, यानी कहीं भी Electric Vehicle लेकर जाओ, चार्जिंग की दिक्कत नहीं।
Electric Bike और कार, दोनों के लिए मजबूत सपोर्ट
Tata.ev जैसे ब्रांड Hexagon मैपिंग और GPS डेटा यूज करते हैं ताकि पता चले कि किस जगह चार्जिंग स्टेशन कम हैं। इससे शहरों और हाईवे पर सही जगह पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाना आसान हो गया है। पार्टनरशिप की मदद से पिछले 15 महीनों में 18,000 चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं।
Challenges भी हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी से हल हो रहा रास्ता
वैसे अभी भी कुछ परेशानियाँ हैं—कभी-कभी चार्जिंग स्टेशन काम नहीं करते, ढूंढ़ने और पेमेंट में भी दिक्कत आ जाती है। लेकिन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट पार्टनरशिप और कस्टमर-फ्रेंडली सिस्टम से ये समस्याएँ घट रही हैं।
Subtitle: EV Charging Station बन रहे कमाई का बड़ा जरिया
रिपोर्ट से पता चलता है कि 25% EV चार्जिंग स्टेशन अच्छी कमाई कर रहे हैं। 35% EV मालिक हर महीने फास्ट चार्जिंग तरजीह देते हैं और 77% ने पिछले साल पब्लिक चार्जिंग स्टेशन वाली यात्रा की।
निष्कर्ष: अब हर घर की पहली पसंद बनी Electric Vehicle
Tata.ev और दूसरे ब्रांड की Electric Vehicle अब सिर्फ इको-फ्रेंडली नहीं, बल्कि भरोसेमंद और प्रैक्टिकल हो चुकी हैं। अब जब पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगभग हर जगह हैं और Electric Bike और कारें लंबी दूरी तय कर रही हैं, EV को खरीदना स्मार्ट डिसीजन बन गया है। आने वाले सालों में Electric Vehicle और भी तेज रफ्तार से घर-घर पहुंचेगी।
छोटी/मध्यम शहरों में भी अब EV का नाम खूब चल रहा है, और India में Electric Bike की पॉपुलैरिटी नए मुकाम छू रही है। EV इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन और भी आसान, सस्ता और भरोसेमंद सफर देंगे।
